Sunday, 26 September 2021

अपनी Identity

 


Om Guru |

चलो आज भगवान्  के साथ अपनी Identity को समझने की कोशिश करते है -

बचपन से T:V serials  की आदत ने कही न कहीं हमारे mind  में यह Impression छोड़ दिया की ईश्वर कही  किसी आसमान या समुन्द्र में बैठे है | या तो वह बांसुरी बजा रहे है या धनुष लेके खड़े है |कभी कभी ऐसा Impression bhi raha की वो पीछे या आगे खड़े हमे देख रहे है |

अब एक पल की लिए यह सब मान्यता छोड़िये और सिर्फ मैं ही हूँ , भगवान् जो गलतिओं की सजा दें  और किसी का भला करने पर applaud करें ,कहीं है ही नहीं , ऐसा महसूस कीजिये , हमे Free feel होगा |असल में इन दोनों Situations में भय और appreciation हमारे  अंदर से ही आती है , बहार से नहीं |

अब जब हमारे जीवन की बागडोर पूरी तरह हमारे  हाथ में ही आ गयी तो पहले से ज्यादा आत्मविश्वास रहेगा   क्यूंकि हम अपने जीवन में कुछ भी बुरा तो नहीं चाहते ,तो बुरा करेंगे भी नहीं ,तो बुरा  होगा  भी नहीं for sure.

इसका मतलब यह नहीं की हम ही हम  है और ईश्वर नहीं , अर्थ  यह है की भगवान् के tasks हमारी जैसे मान्यताएं थी उनसे काफी अलग  है | ऐसी मान्यता जिसमें लगे की ईश्वर हमारे सुख दुःख का कारण है ,और व कही बैठके सुख-दुःख produce  करते है , is somehow incorrect . ऐसा सोचने में हमारा और उनका रिलेशन भय से जुड़ता है ,पर असल में हमारा रिलेशन शुद्ध प्रेम जैसा होना चाइये , जैसे ग्वाल ,गोपी का कृष्ण के साथ है| Fearless & complete trust , ऐसा तभी संभव है जब उनके आनंदस्वरूप का ठीक से ज्ञान हो |

अगर आपको ईश्वर की  existence पर    doubt है तो कोई बात नहीं  , वैसे होना नहीं चाहिए क्यूंकि एकांत में बैठेंगे और अपने अंदर  breathing  process को देखेंगे  तो कुछ हद तक समझ में भी आएगा  ,  breathing and general body activities आप mantain ही नहीं कर रहे :) तो कौन है वो शक्ति , यह  अति उत्तम  विचारणीय विषय है|

Quantity wise ईश्वर और जीव की तुलना नहीं,जैसे बूँद और सागर , पर Quality wise दोनों एक ही है , ऐसा हमने सुना तो है ,पर अनुभव करने के लिए कड़ी साधना और जीवन में  सरलता चाहिए|
जैसे गर्मी के लिए heat के पास जाना ही पड़ता है वैसे ही  सुखमय ,आनंदमय ,कल्याणकारी ,निर्भय और सर्वोत्तम qualities gain करने के लिए भगवान् का नाम लेना ही पड़ता है |

Note  - यह जीवन को समझने  एक छोटा सा प्रयास है :)






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