Sunday, 26 September 2021

तुलनाओं से परे

 



क्या कभी लगता है की दूसरों का जीवन आपसे ज्यादा बेहतर है या फिर ऐसा की आपका जीवन दूसरो से ज्यादा बेहतर है? 

Although many a time we ignore these feelings because they literally don't have any value w.r.t real life पर कही न कहीं यह तुलनात्मक भाव  कुछ Impressions छोड़ देते  है हमारे जीवन में|

अपने से कम  भौतिक लाभ वालो की तरफ देखेंगे तो कुछ ऐसे भाव आएंगे - बेचारा या बेचारी ,ऐसा नहीं होना चाहिए| हे भगवन आपने ऐसा क्यों किया ?

अपने से ज्यादा भौतिक लाभ वालों की तरफ देखेंगे तो कुछ ऐसे भाव आएंगे - सही है , मस्त लाइफ है, और क्या चाहिए ,ज्यादा ही  Inspire हो गए तो काश मैं भी ऐसा होता|

बात यह नहीं है की उनके जीवन में जो हो रहा है बढ़िया हो रहा है या न बढ़िया हो रहा है , किन्तु हमारी भावनाओं का  integeration उनके जीवन से कैसे हो रहा है , that MATTERS .हमारे अपने system में कुछ हलचल तो नहीं हो रही ? जिस system  को neutral भाव या सम भाव में रहना था , वो  system कही alternate current की तरह ऊपर निचे तो नहीं हो रहा , and अगर वो भावनाएं किसी से बेहतर  या कम बेहतर feel  करवा रही है , तो उसी वक़्त रुकिए और  Analyze कीजिये  |

ख़ुशी और ग़म सबकी  Life में होते है असल में तो |Ratio may vary .

वास्तव में हमारा जीवन हमारे  according है  , designed and made by self और बाकि औरों का जीवन  designed and made by their own selves. अब आप कहेंगे ,हमारे जीवन में यह सब घटनाएं अचानक घटित हुई , हमने ऐसा कभी ना  सोचा या design ही किया था  , सही बात है .....पर  भारत के किसी भी ज्योतिष के पास जायेंगे तो आपकी जनम पत्री देख कर वो आपके जीवन के महत्वपूर्ण events तो बता ही देंगे | 

Life's only challenge is - life ke sabhi events में  especially problematic one's में mind को divert करके अपने स्व ki progress mei लगाना  | 

इस विषय पे लिखने का भावार्थ यही है की ,न किसी के दुःख से वैर हो , न किसी  की ख़ुशी से राग हो  |अपनी भावनाओं को corruption से दूर रखने में ही मेहनत हो  . क्यूंकि वो वो है और हम  हम  , हमारा  और उनका मेल कुछ ही वर्षों का है 40,5० या  maximum 70 ,80 | इसे  corrupted भावनाओं में उलझा के   लम्बी उम्र क्यों दे  | आराम से जिए और जीने दे :)


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