Sunday, 26 September 2021

masoom batein

 



Me- love , gratitude , joy, Peace and SMile (seeing at the posture hanged in room)

Anhad - smile .........................mumma love kya hota hai

Me - love matlab pyaar , muma aaapse karti hai aur aap mumma se.

Anhad - aur gussa , gussa kyu nahi likha is posture pe

Me - hahahha , kyu

Anhad - kyunki mumma gussa bhi karti hai.



Mother's day special

 





हालाँकि mother's day पर बहुत से बच्चें अपनी अपनी  mothers को thank you बोलते है पर  I want to say thank you to my little son , after all with all his due activities and actions , there were some privileged qualities which took birth in his mother :)

Patience - Biggest quality which is needed today in most human is Having Patience . बच्चों के साथ खेलने से , उनको खिलाने  से, और उनके tantrums झेलने  से बहुत आसानी से एक माँ सीख जाती है Patience.

Unconditional Love - माँ को लगता है वो ही अपने बच्चों से unconditional love करती है पर actually में तो माँ यह quality ही बच्चों से सीखती है | उसके कितनी ही बार गुस्सा होने पर भी बच्चा माँ को आके प्यार से hug कर ही लेता है , बच्चे मन के सच्चे होते है , यही proof है | उनके innocent mind में कोई conditions अभी तक जमा ही नहीं हुई होती |

Self worth - उन्हें आपकी ज़रूरत हमेशा रहेगी , वो कहे चाहे नहीं . हम उनके साथ physically नहीं भी रह पाए फिर भी they know their parents worth . Just like we also know our parents worth.

Building Trust - The way they trust you is worth to learn and thereby increase your own trust in something Higher .

Eat simple that too when Hungry - बच्चें तभी खाते है जब उन्हें भूख लगती है , उन्हें आप कम नमक या एक दम सादा खाना देंगे तो भूख होगी तो खा लेंगे. Hence, they teach our body is meant to intake simple food only. Rest is Taste :)

NO tension -  किसी भी action में कोई कर्ता भाव नहीं होता इसीलिए कोई tension भी नहीं होती  :)

Keep busy - Exploring new toys , exploring neighbour's toys , observing new things,talking, playing ,always busy . They easily get engage with everyone irrespective of age and anything with neatral bhav. Hence, teaching keep yourself busy in productive tasks .

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so ONNN....

Grateful to that innocence.


अगर सब इतना ही perfect है तो?

 



Celeberities ही नहीं , general public में भी Social media में  1 लहर सी दौड़ती है  everything nice , best husband , best wife , nice kids , perfect parents ,awesome job, 1st classs certifications, loads of bank balance etc , It's nice to feel that gratitude with a feeling though.पर एक तरफ सत्संग में सुनते है , संसार दुखालय है , मिथ्या है ,मोह माया है और दूसरी  तरफ  social platforms and कई  लोगो को देखो तो सब Tip Top लगते है ,विदेश में तो खासकर |

अगर सब  इतना ही  perfect  है तो अध्यात्म  की शिक्षा में  विपरीत  क्यों  बताया  जाता है ?

समझ नहीं आता था  GAP कहा है , एक तरफ आस पास सब  tip top , पर दूसरी तरफ  Spiritual contents में सुनते है worldly matter में  attachments , desires नहीं रखने चाहिए , कैसे न रखें प्रभु  जब सब बढ़िया चल रहा है ?

धीरे धीरे कुछ चीज़ें समझ में आयी जैसे की -

- हर चमकती  चीज़ सोना  नहीं  होती  |
- हाथी के दांत दिखाने के कुछ खाने के कुछ और होते हैं |

आज  की  life ने  हमे अपनी Marketing कैसे करनी है , इसमें भी involve कर लिया है , गहराई से देखे तो  commercial life और individual life अलग ही हैं |

सत्संग सिर्फ individual level पर  समझने और  apply करने के लिए है  , और उसका प्रभाव सिर्फ हमारे आचरण में ही दिख सकता है और कहीं भी नहीं , and rest ongoing events of life तो चलते ही रहते है  |
YES , This bridges the GAP.

अब बात आती है सत्संग में जीवन को दुखालय क्यों कहा जाता है ? ऐसा नहीं,  यह भी बताया जाता है जीवन infinite आनंद में जीने के लिए मिला है, includes life with compassion , however without attachments & addictions. Individual level पर तो कोई deny नहीं कर सकता ,हमें  ups and down का सामना करना ही पड़ता है , कभी  health issues , कभी  financial , कभी  relationship , कभी  mind related  . इन UPS and DOWNS में constant witness होक कैसे जीवन जीना है , यहीं अध्यात्म है , hence everything to apply and learn at individual level.

हो सकता है social life में हमारी बहुत वाह वाही होती है,  पैसा भी अथाह हो , वस्तु विशेष की कमी भी न हो, पर still individual level पर हर जीव contenment and happiness within hi ढूंढता है या ढूंढेगा depending upon one's own situation.

यह भी हो सकता है हमारी  social life में  वाह वाही न होती हो या पैसा  भी न हो , पर फिर भी अपने भीतर असीम आनंद में रह सकते है |

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अपनी Identity

 


Om Guru |

चलो आज भगवान्  के साथ अपनी Identity को समझने की कोशिश करते है -

बचपन से T:V serials  की आदत ने कही न कहीं हमारे mind  में यह Impression छोड़ दिया की ईश्वर कही  किसी आसमान या समुन्द्र में बैठे है | या तो वह बांसुरी बजा रहे है या धनुष लेके खड़े है |कभी कभी ऐसा Impression bhi raha की वो पीछे या आगे खड़े हमे देख रहे है |

अब एक पल की लिए यह सब मान्यता छोड़िये और सिर्फ मैं ही हूँ , भगवान् जो गलतिओं की सजा दें  और किसी का भला करने पर applaud करें ,कहीं है ही नहीं , ऐसा महसूस कीजिये , हमे Free feel होगा |असल में इन दोनों Situations में भय और appreciation हमारे  अंदर से ही आती है , बहार से नहीं |

अब जब हमारे जीवन की बागडोर पूरी तरह हमारे  हाथ में ही आ गयी तो पहले से ज्यादा आत्मविश्वास रहेगा   क्यूंकि हम अपने जीवन में कुछ भी बुरा तो नहीं चाहते ,तो बुरा करेंगे भी नहीं ,तो बुरा  होगा  भी नहीं for sure.

इसका मतलब यह नहीं की हम ही हम  है और ईश्वर नहीं , अर्थ  यह है की भगवान् के tasks हमारी जैसे मान्यताएं थी उनसे काफी अलग  है | ऐसी मान्यता जिसमें लगे की ईश्वर हमारे सुख दुःख का कारण है ,और व कही बैठके सुख-दुःख produce  करते है , is somehow incorrect . ऐसा सोचने में हमारा और उनका रिलेशन भय से जुड़ता है ,पर असल में हमारा रिलेशन शुद्ध प्रेम जैसा होना चाइये , जैसे ग्वाल ,गोपी का कृष्ण के साथ है| Fearless & complete trust , ऐसा तभी संभव है जब उनके आनंदस्वरूप का ठीक से ज्ञान हो |

अगर आपको ईश्वर की  existence पर    doubt है तो कोई बात नहीं  , वैसे होना नहीं चाहिए क्यूंकि एकांत में बैठेंगे और अपने अंदर  breathing  process को देखेंगे  तो कुछ हद तक समझ में भी आएगा  ,  breathing and general body activities आप mantain ही नहीं कर रहे :) तो कौन है वो शक्ति , यह  अति उत्तम  विचारणीय विषय है|

Quantity wise ईश्वर और जीव की तुलना नहीं,जैसे बूँद और सागर , पर Quality wise दोनों एक ही है , ऐसा हमने सुना तो है ,पर अनुभव करने के लिए कड़ी साधना और जीवन में  सरलता चाहिए|
जैसे गर्मी के लिए heat के पास जाना ही पड़ता है वैसे ही  सुखमय ,आनंदमय ,कल्याणकारी ,निर्भय और सर्वोत्तम qualities gain करने के लिए भगवान् का नाम लेना ही पड़ता है |

Note  - यह जीवन को समझने  एक छोटा सा प्रयास है :)






तुलनाओं से परे

 



क्या कभी लगता है की दूसरों का जीवन आपसे ज्यादा बेहतर है या फिर ऐसा की आपका जीवन दूसरो से ज्यादा बेहतर है? 

Although many a time we ignore these feelings because they literally don't have any value w.r.t real life पर कही न कहीं यह तुलनात्मक भाव  कुछ Impressions छोड़ देते  है हमारे जीवन में|

अपने से कम  भौतिक लाभ वालो की तरफ देखेंगे तो कुछ ऐसे भाव आएंगे - बेचारा या बेचारी ,ऐसा नहीं होना चाहिए| हे भगवन आपने ऐसा क्यों किया ?

अपने से ज्यादा भौतिक लाभ वालों की तरफ देखेंगे तो कुछ ऐसे भाव आएंगे - सही है , मस्त लाइफ है, और क्या चाहिए ,ज्यादा ही  Inspire हो गए तो काश मैं भी ऐसा होता|

बात यह नहीं है की उनके जीवन में जो हो रहा है बढ़िया हो रहा है या न बढ़िया हो रहा है , किन्तु हमारी भावनाओं का  integeration उनके जीवन से कैसे हो रहा है , that MATTERS .हमारे अपने system में कुछ हलचल तो नहीं हो रही ? जिस system  को neutral भाव या सम भाव में रहना था , वो  system कही alternate current की तरह ऊपर निचे तो नहीं हो रहा , and अगर वो भावनाएं किसी से बेहतर  या कम बेहतर feel  करवा रही है , तो उसी वक़्त रुकिए और  Analyze कीजिये  |

ख़ुशी और ग़म सबकी  Life में होते है असल में तो |Ratio may vary .

वास्तव में हमारा जीवन हमारे  according है  , designed and made by self और बाकि औरों का जीवन  designed and made by their own selves. अब आप कहेंगे ,हमारे जीवन में यह सब घटनाएं अचानक घटित हुई , हमने ऐसा कभी ना  सोचा या design ही किया था  , सही बात है .....पर  भारत के किसी भी ज्योतिष के पास जायेंगे तो आपकी जनम पत्री देख कर वो आपके जीवन के महत्वपूर्ण events तो बता ही देंगे | 

Life's only challenge is - life ke sabhi events में  especially problematic one's में mind को divert करके अपने स्व ki progress mei लगाना  | 

इस विषय पे लिखने का भावार्थ यही है की ,न किसी के दुःख से वैर हो , न किसी  की ख़ुशी से राग हो  |अपनी भावनाओं को corruption से दूर रखने में ही मेहनत हो  . क्यूंकि वो वो है और हम  हम  , हमारा  और उनका मेल कुछ ही वर्षों का है 40,5० या  maximum 70 ,80 | इसे  corrupted भावनाओं में उलझा के   लम्बी उम्र क्यों दे  | आराम से जिए और जीने दे :)